मेरे प्यारे पापा के लिए दुआएँ
अस्सलामु अलैकुम, प्यारे भाइयों और बहनों। कल मेरे पापा हमारे रचयिता के पास लौट गए। उनके लिए दुआ करें-अल्लाह उनके गुनाह माफ करे, उन्हें जन्नतुल फिरदौस दे, और मुझे तथा मेरे परिवार को इस मुश्किल घड़ी में सब्र दे। जज़ाकुम अल्लाहु खैरान।