शब्दों से परे तबाह करने वाला
ये पढ़कर मैं टूट गई। सालों तक कुछ पता न चलने के बाद, आखिर में ऐसा नुकसान कैसे झेलती होगी कोई? इतना क्रूर जवाब मिलने का दर्द... मैं सोच भी नहीं सकती।
ये पढ़कर मैं टूट गई। सालों तक कुछ पता न चलने के बाद, आखिर में ऐसा नुकसान कैसे झेलती होगी कोई? इतना क्रूर जवाब मिलने का दर्द... मैं सोच भी नहीं सकती।
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