या रसूल अल्लाह, आपकी याद सताती है 😔🥺
नमस्ते। कभी-कभी आपकी याद बहुत तीव्रता से आती है, या रसूलुल्लाह ﷺ। दिल उदास हो जाता है और आंखें भी नम हो जाती हैं। आपकी सीरत, आपकी बातें, और वो सुकून जो आपके जिक्र में मिलता है-सब याद आ जाता है। दुआ है कि अल्लाह हमें आपके नक्शे-कदम पर चलने की तौफीक दे और कब्र की तन्हाई में आपकी शफाअत नसीब فرمाए।