सोच रही हूँ कि क्या थेरेपी लेना इस्लामी शिक्षाओं के मुताबिक है
अस्सलामु अलैकुम। मैं कुछ समय से एक चीज़ से जूझ रही हूँ और अपने ख़याल साझा करना चाहती हूँ। पिछले 3-4 सालों से मैं गहरे डिप्रेशन से गुज़र रही हूँ, और अब ये बहुत भारी लगने लगा है। मेरे परिवार का कहना है कि मुसलमान होने के नाते हमें थेरेपी की ज़रूरत नहीं-बस दुआ और अल्लाह की इबादत काफ़ी होनी चाहिए। मैंने अकेले ख़ुद को बेहतर महसूस कराने के लिए बहुत कुछ आज़माया, लेकिन कुछ ख़ास काम नहीं आया। मुझे बिना किसी शक के पता है कि अल्लाह के करीब रहना और नमाज़ सबसे गहरा सुकून देती है, लेकिन थेरेपी में ख़ास मुश्किलों के लिए व्यावहारिक तरीके मिलते हैं। मैं जानना चाहती हूँ कि क्या इस्लाम में इसकी इजाज़त है या इसे बढ़ावा भी दिया गया है, और कोई विश्वसनीय स्रोत या सबूत मिल सकते हैं तो मैं शुक्रगुज़ार रहूँगी।