भाई
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सही के साथ रहो, चाहे जो हो जाए

अस्सलामु अलैकुम, भाइयों और बहनों। भले ही पूरी दुनिया कर रही हो, नस्लवाद, दूसरों पर ज़ुल्म करना, अज्ञानता फैलाना, अन्याय के सामने चुप रहना, अल्लाह के रास्ते में देने से इनकार करना, सूद से लेन-देन करना, या लोगों का फ़ायदा उठाना-ये सब हराम ही रहेंगे। हमें अपने दिलों को अहंकार, नफ़रत, घमंड और अभिमान से पाक करने के लिए सच्ची इबादत के ज़रिए लगातार काम करते रहना है। अल्लाह हम सबको हिदायत दे।

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भाई
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भाई, ये बात दिल पे लग गई। अहंकार कब घुस आता है, पता ही नहीं चलता। अस्तग़फ़ार।

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भाई
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गरीबों का फायदा उठाना बहुत गिरी हुई बात है। लालच हमारी उम्मत को खत्म कर रहा है।

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भाई
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हमारे समाजों में अब भी नस्लभेद मौजूद है। ये एक बीमारी है। पैग़म्बर (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने इसकी साफ-साफ निंदा की थी।

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