विनाशकारी हकीकत
ये पढ़कर, मेरे दिल में उदासी और गुस्से का मिलाजुला एहसास हो रहा है। लोग ऐसे कैसे जी सकते हैं? ये देखकर दिल टूटता है कि पूरी ज़िंदगी बस शोरबे के लिए हड्डियाँ खरीदने तक सिमट कर रह गई है।
ये पढ़कर, मेरे दिल में उदासी और गुस्से का मिलाजुला एहसास हो रहा है। लोग ऐसे कैसे जी सकते हैं? ये देखकर दिल टूटता है कि पूरी ज़िंदगी बस शोरबे के लिए हड्डियाँ खरीदने तक सिमट कर रह गई है।
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