आप सबके लिए और मेरे माँ-बाप के लिए दुआएँ इन मुबारक दिनों में
अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु और चूँकि हम इन मुबारक दिनों में हैं जो रहमत और रब की नेमतों से भरे हुए हैं, मैंने चाहा कि आप सबसे दरख्वास्त करूँ कि आप मेरे वालिद और वालिदा के लिए जल्दी शिफ़ा की दुआ करें और वो पहले जैसी सेहत और तंदरुस्ती में वापस आ जाएँ, और मेरे लिए भी दुआ करें कि मैं हज कर पाऊँ जबकि मैं अभी छोटी हूँ और मेरी माँ और अब्बू मेरे साथ हैं और वो बेहतरीन हाल में हों या रब, और ये भी कि रब मुझे एक इज़्ज़त वाली ज़िंदगी दे जो ख़ुशी, सुकून, कामयाबी और पूरी सेहत से भरी हो, और मुझे एक नेक, पाक और खूबसूरत पति अता करे, मुझे और उम्मत-ए-मुहम्मद (स.) की तमाम बेटियों को। और क्यूँकि मुसलमान का अपने भाई के लिए उसकी गै़र-मौजूदगी में दुआ करना कुबूल होता है, तो अगर किसी को कोई ख़ास दुआ चाहिए तो वो कह ले, शायद हममें से कोई रब के ज़्यादा क़रीब हो जिसकी वजह से उसकी दुआ कुबूल हो जाए। मैं अल्लाह से सवाल करती हूँ कि आपके दिन खै़र, ख़ुशी और रज़ा से भरे हों, और आप ख़ुद को बर्बाद न करें और गुनाहों से दूर रहें। आमीन आमीन आमीन