फ़ौरी गुज़ारिश: मेरे अब्बू को अपनी दुआओं में याद रखें
अस्सलामु अलैकुम, प्यारे भाइयों और बहनों। मैं बड़े भारी दिल से आप सबसे गुज़ारिश कर रही हूँ कि मेरे अब्बू के लिए दिल से दुआ कीजिए। उन पर ग़लत तरीके से मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी का इल्ज़ाम लगा है-ऐसी चीज़ें जिनसे उनका कोई लेना-देना नहीं। ऐसा लग रहा है कि पूरा सिस्टम उनके ख़िलाफ़ काम कर रहा है, और लोग उन्हें इस मुसीबत में घसीटने पर तुले हैं। वो अब 65 साल के हैं, और इस दुनिया में मेरे एकमात्र सहारा और हिफ़ाज़त करने वाले हैं। मैं एक मेडिकल दिक़्क़त के साथ जी रही हूँ और इसी महीने मेरी एक बड़ी सर्जरी होने वाली है। ये सोचकर तकलीफ़ होती है कि इस वक़्त वो मेरे साथ नहीं हो सकते, और दूर से ही मुझे उनकी फ़िक्र और बेबसी महसूस होती है। मैं हाथ जोड़कर आपसे इल्तिजा करती हूँ कि आप दुआ करें कि अल्लाह अपनी रहमत से जल्द से जल्द हक़ को ज़ाहिर कर दे, उनका नाम पाक कर दे, और हमें जल्द से जल्द एक परिवार की तरह फिर से मिला दे। जब मुझे चोट लगी थी, तो वो मस्जिद में खड़े होकर मेरे लिए दुआ माँगते थे। अब मैं भी हर तरह से कोशिश कर रही हूँ कि उनके लिए वैसे ही दुआ कर सकूँ। अल्लाह आपकी मेहरबानी और दुआओं का बहुत अच्छा बदला दे। व ला हौला व ला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाह।