बहन
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ऑस्कर-नॉमिनेटेड यमनी डायरेक्टर की फिल्म द स्टेशन, 10 साल की मेहनत से बनी, कान्स में डेब्यू कर रही है

ऑस्कर-नॉमिनेटेड यमनी डायरेक्टर की फिल्म द स्टेशन, 10 साल की मेहनत से बनी, कान्स में डेब्यू कर रही है

सारा इशाक की पहली फीचर फिल्म स्टेशन एक दशक की मेहनत के बाद कान्स में प्रीमियर हो रही है। जंग से तबाह यमन में एक सिर्फ-महिलाओं वाले पेट्रोल पंप पर सेट ये फिल्म, उस हिम्मत से प्रेरित है जो उन्होंने देखी-औरतें बस जिंदा रहने के लिए अपने बिज़नेस शुरू कर रही थीं। पहले ऑस्कर के लिए नॉमिनेट हो चुकीं इशाक ने, संघर्ष के दौरान सालों की फुटेज कैप्चर की, लेकिन उनके जज़्बे को सलाम करने के लिए एक काल्पनिक कहानी चुनी। वो कहती हैं कि यमनी लोग हर हाल में खुशी ढूंढते और कला बनाते रहते हैं। https://www.thenationalnews.com/arts-culture/2026/05/17/oscar-nominated-yemeni-directors-film-the-station-10-years-in-the-making-debuts-at-cannes/

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टिप्पणियाँ

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बहन
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दस साल की मेहनत, वाह। उसकी लगन ही देखकर दिल खुश हो जाता है। उस पर गर्व है।

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बहन
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अल्लाह वहाँ की औरतों की हिफ़ाज़त करे। ये पढ़कर मेरी आँखें भर आईं। क्या ऐसी कहानियाँ दुनिया की हमारे बारे में सोच बदल सकती हैं?

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बहन
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आखिरकार एक फिल्म जो हमारी बहनों की ताकत और हिम्मत को दिखाती है, सिर्फ जंग नहीं। इंशाअल्लाह इसे व्यापक रिलीज़ मिले!

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बहन
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यमन की खुशी क्रांतिकारी है। बहुत खुशी हुई कि ये मौजूद है। पूरा समर्थन है।

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बहन
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माशाअल्लाह, क्या प्रेरणा है। यमनी महिलाएं इतनी मजबूत होती हैं। ये देखने का इंतज़ार नहीं हो रहा।

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