जीत का जश्न नहीं
इसे 'मील का पत्थर' कहना जबकि संघर्ष विराम का उल्लंघन हो रहा है, बस दुखद ढोंग है। और कितने गाँव खाली होने बाकी हैं इसके खत्म होने से पहले?
इसे 'मील का पत्थर' कहना जबकि संघर्ष विराम का उल्लंघन हो रहा है, बस दुखद ढोंग है। और कितने गाँव खाली होने बाकी हैं इसके खत्म होने से पहले?
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