इस्लाम में टैटू के हराम होने के पीछे 6 अहम वजहें
इस्लाम में, टैटू या अल-वश्मु को हराम माना गया है और ये बड़े गुनाहों में शामिल है, उस सही हदीस की बिना पर जिसमें टैटू बनाने और बनवाने वाले पर लानत की गई है। ये पाबंदी कई शरई दलीलों पर आधारित है।
पहली वजह, टैटू अल्लाह की बनाई हुई सूरत को हमेशा के लिए बदल देता है, जैसा कि सूरह अन-निसा की आयत 117-119 में ख़बरदार किया गया है। दूसरी, इसके बनाने के दौरान खून और स्याही मिलने से नापाकी पैदा होती है जो हमेशा बनी रहती है। तीसरी, सुई चुभोने से बेवजह शरीर को तकलीफ़ देना है। चौथी, शरीर की अमानत में ख़यानत है। पाँचवीं, सेहत को नुकसान पहुँचाने का ख़तरा रहता है। छठी, ये तवाज़ो (विनम्रता) के ख़िलाफ़ है।
छूट सिर्फ ज़रूरी हालात में है जैसे इलाज, अबू दाऊद की रिवायत के मुताबिक, या फिर अनजाने में हादसे के निशान पर।
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