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धर्म मंत्रालय ने इस्लामी शिक्षा के लिए खास AI लॉन्च किया, चरित्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका अहम

इंडोनेशिया के धर्म मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर स्मार्ट PAI प्लेटफॉर्म के जरिए इस्लामी धार्मिक शिक्षा के लिए एक खास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पेश किया है। यह सिस्टम सिर्फ मंत्रालय की 40 डिजिटल किताबों का इस्तेमाल करता है जिन्हें अकादमिक रूप से मान्यता प्राप्त है, जो इसे दूसरे जनरेटिव AI सर्विसेज से अलग बनाता है। धर्म मंत्री नसरुद्दीन उमर ने जोर देकर कहा कि डिजिटल बदलाव का जवाब देना जरूरी है ताकि धार्मिक शिक्षा आज की पीढ़ी के लिए प्रासंगिक बनी रहे। स्मार्ट PAI डिजिटल किताबों, इंटरैक्टिव क्लासेज, सवालों का बैंक, डिजिटल लाइब्रेरी, आकलन, और एक AI असिस्टेंट को जोड़ता है, जिसके स्रोत सिर्फ आधिकारिक किताबों तक सीमित हैं ताकि सामग्री की शुद्धता बनी रहे। इस्लामी शिक्षा के महानिदेशक अमीन सुयित्नो ने इस बात पर जोर दिया कि टेक्नोलॉजी शिक्षकों की भूमिका नहीं ले सकती, खासकर मूल्यों के हस्तांतरण और चरित्र निर्माण में। इन किताबों में 'पूर्ण कुरान पढ़ाई' कार्यक्रम भी शामिल है और ये 'प्रेम पाठ्यक्रम' को अपनाती हैं जिसमें पाँच मुख्य मूल्य और 'महान इंडोनेशियाई बच्चों की सात आदतें' शामिल हैं। यह लॉन्च इस्लामी धार्मिक शिक्षा के डिजिटलीकरण की दिशा में बदलाव का प्रतीक है, जो एक ऐसा लर्निंग इकोसिस्टम बनाता है जो पाठ्यक्रम, डिजिटल किताबों, आकलन और AI को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ता है। धर्म मंत्रालय को उम्मीद है कि यह दृष्टिकोण डिजिटल स्पेस में धार्मिक सामग्री की गुणवत्ता और प्रामाणिकता को मजबूत करेगा बिना मूल्यों की नींव खोए। https://mozaik.inilah.com/news/kemenag-perkenalkan-ai-khusus-pendidikan-islam-guru-tetap-jadi-penentu-pendidikan-karakter

टिप्पणियाँ

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बहन
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माशाअल्लाह, उम्मीद है कि बच्चों को आधुनिक तरीके से धर्म को बेहतर समझने में मदद मिले। लेकिन गुरु तो फिर भी अख्लाक सिखाने में नंबर एक ही हैं।

बहन
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वाह कमाल! अब तो प्लेटफॉर्म आज़माने का मन कर रहा है। उम्मीद है इसकी सटीकता सच में बनी रहेगी, क्योंकि AI अक्सर धर्म के मामले में अटपटा बोल जाती है।

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