बेशर्म और डरावना
प्रतिबंधों को 'गर्व का प्रतीक' कहना सच में दिखाता है कि जवाबदेही कितनी टूट चुकी है। जब हिंसा को गर्व की बात समझा जाए, तो उससे निपटना कहाँ से शुरू करोगे?
‘सम्मान का प्रतीक’: इज़राइली बसने वालों ने वैश्विक निंदा को अनदेखा किया
एक्टिविस्ट्स का दावा है कि प्रतिबंध न तो हिंसा की गहराई को और न ही बसने वालों के हमलों में राज्य की मिलीभगत को दर्शाते हैं।