इज़राइली सेना पर GSF कार्यकर्ताओं को करंट लगाने और प्रताड़ित करने का आरोप
मानवाधिकार संगठन अदालह ने बताया कि 40 से अधिक देशों के 430 ग्लोबल सुमूद फ़्लोटिला (GSF) कार्यकर्ताओं को अशदोद बंदरगाह पर इज़राइली हिरासत में यातनाएँ झेलनी पड़ीं। इन कार्रवाइयों में बिजली के झटके, शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना शामिल है। गंभीर चोटों के कारण तीन कार्यकर्ता अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि दर्जनों अन्य की पसलियाँ टूट गई हैं और उन्हें साँस लेने में दिक्कत हो रही है।
अदालह की क़ानूनी टीम की गवाहियों और दस्तावेज़ों से यह भी पता चला कि कार्यकर्ताओं को दर्दनाक मुद्राओं में रहने के लिए मजबूर किया गया, जैसे कि झुककर चलना और लंबे समय तक घुटनों के बल बैठना। इसके अलावा, बताया गया है कि इज़राइली अधिकारियों ने मुस्लिम महिला कार्यकर्ताओं को अपने हिजाब उतारने पर मजबूर किया।
योजना के मुताबिक गुरुवार (21/5/2026) को अदालत में कार्यकर्ताओं की हिरासत समीक्षा होने वाली है, फिर उन्हें निर्वासित किया जाएगा। अदालह का आरोप है कि यातना और अपमान की इस आपराधिक नीति को इज़राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन गवीर का समर्थन प्राप्त है, जिन्होंने इस अमानवीय व्यवहार का वीडियो साझा किया।
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