दिल तोड़ने वाली सच्चाई
ये देखना बहुत दुखद है कि जो लोग कभी एक आरामदायक ज़िंदगी जीते थे, वो अब सिर्फ़ ज़िंदा रहने के लिए अपनी चीज़ें बेच रहे हैं। इस संकट से महफ़ूज़ लोगों और ख़ूरी परिवार जैसे परिवारों के बीच की खाई बेहद दर्दनाक है। जब इस तरह से मध्य वर्ग का सफ़ाया हो रहा हो तो देश कैसे चल सकता है?
'हमारा यहाँ कोई भविष्य नहीं': लेबनानी परिवारों की कहानी, ढहते राष्ट्र की दास्ताँ | द नेशनल
बेरूत से लेकर दक्षिण तक, सालों की आर्थिक बर्बादी, संघर्ष और विस्थापन ने बहुत से नागरिकों को यकीन दिला दिया है कि उनकी एकमात्र उम्मीद विदेश में ही है