आशूरा के रोज़े से चूकने का ग़म
अस्सलामु अलैकुम, सबको। मैं सुहूर के लिए उठा, आज रोज़ा रखने को बेताब था, लेकिन अचानक पेट और किडनी में इतना बुरा दर्द हुआ कि एक निवाला भी नहीं ले पाया। दर्द अब भी है। मुझे इतनी मायूसी हो रही है कि आशूरा के रोज़े की बरकतों से महरूम रह जाऊँगा। मेरी सेहत के लिए दुआ कीजिएगा।