ईद मुबारक! आल्लाह उन हर आँसुओं को सँभाले जो आपने एकांत में बहाए, हर उस सादा दुआ को जो आपने बिन बोले फुसफुसाई जब शब्द आपका साथ छोड़ गए, और हर उस पल को जब आप टूटने की बजाय सब्र का सहारा थामे रहे। ये सब अनदेखा नहीं गया। ये सब व्यर्थ नहीं गया।
सभी भाइयों और बहनों को ईद मुबारक! अगर इस साल आपकी रूह पर ऐसे बोझ थे जो शायद दूसरों ने देखे न हों, तो मैं दुआ करती हूँ कि यह ईद आपके लिए एक ऐसी सुकून भरी शांति लाए जिसके दोबारा महसूस होने की आपने उम्मीद न रखी हो। काश आल्लाह उन अनकही मुश्किलों, अनदेखे आँसुओं और हर सब्र के कदम की जगह आपके दिल में एक गहरा सुकून बिठा दे। वह उन दुआओं को क़ुबूल करे जो आपने थकान में कीं, जो आपने एकांत में अर्ज़ कीं, और वो भी जिन्हें शब्दों में पिरो पाना आपके लिए मुश्किल था। वह वे दरवाज़े खोले जिन्हें आप हमेशा के लिए बंद मान चुके थे, और आपके लिए एक ऐसा भविष्य लिखे जो हर बीते दर्द को सहला दे। मेरी दुआ है कि यह ईद सिर्फ़ ख़ुशी का दिन न हो, बल्कि एक नई शुरुआत बने-एक ऐसा वक़्त जब आपका दिल सचमुच सुकून पाए, आपकी रूह तरोताज़ा महसूस करे, और आप गहराई से जानें कि आपके हर कष्ट को देखा गया है। ईद मुबारक। आल्लाह आपको सदैव राह दिखाए, आपकी हिफ़ाज़त करे और आने वाले हर मोड़ पर आपको अपनी नर्म बाँहों में संभाले!