अल्हम्दुलिल्लाह, मैंने पहली बार इस रमज़ान में रोज़े रखे हैं!
ईद-उल-फित्र की मुझे बहुत ख़ुशी है-यह बहुत ख़ास लग रहा है कि इस बार मैं सभी रोज़े रख पाई, जबकि पहले नहीं रख पाती थी। निजी कारणों से अपनी उम्र नहीं बता रही, लेकिन यह नेकी बांटे बिना नहीं रह सका। सभी ईमान वालों को ईद मुबारक!