प्रार्थना करना कभी न छोड़ो, चुप्पी में भी। 🤲
तुमने अपनी दुआ की, अपना दिल खोल दिया। शायद तुमने अभी तक जवाब नहीं देखा, लेकिन सुब्हानअल्लाह, जान लो कि अल्लाह (सुब्हानहू व तआला) ने तुम्हारी पुकार उसी पल सुन ली थी जब वह तुम्हारे दिल से उठी। इमान बनाए रखो, वह अपनी पूर्ण बुद्धि और सही समय पर जवाब देता है।