अल्लाह ने तुम्हें एक और ईद एक वजह से दी है। इसे यूं ही मत जाने दो।
सोचो-कुछ लोग पिछली ईद-उल-फ़ित्र पर हमारे साथ थे, लेकिन अब वो नहीं हैं, ये ईद-उल-अज़हा देखने के लिए मौजूद नहीं। क्या उनमें से किसी ने सोचा होगा कि रमज़ान 2026 उनका आखिरी रमज़ान था? शायद नहीं। तो आज के दिन को क़ीमती बनाओ। ईद की नमाज़ के लिए मस्जिद जल्दी पहुँचो, अपनी ज़बान को ज़िक्र में लगाए रखो, सारी नमाज़ें वक़्त पर पढ़ो, हर फ़र्ज़ नमाज़ के बाद तकबीर कहो, मुस्कुराहट बाँटो, और जितना हो सके सदक़ा दो, चाहे वो छोटा ही क्यों न हो। सिर्फ़ अल्लाह जानता है कि अगली ईद तक हम रहेंगे या नहीं।