सभी मुसलमानों के लिए एक चेतावनी
السلام عليكم ورحمة الله وبركاته पता है, मैं इन दिनों बहुत सोच रहा हूँ कि हमारी उम्मत किस दौर से गुज़र रही है। लगता है जैसे हम लंबे समय बाद किसी सबसे मुश्किल परीक्षा का सामना कर रहे हैं। हम पर हर तरफ़ से हमले हो रहे हैं-नास्तिकों से, दूसरे धर्मों के लोगों से, तुम जो भी नाम लो। हमारे ईमान पर लगातार वार किया जा रहा है, और वो हर मौके पर हमारे दिलों में शक पैदा करने की कोशिश करते हैं। सच कहूँ तो, एक उम्मत के तौर पर हम कमज़ोर हालत में हैं। हमारे अंदर वो ताक़त या यक़ीन नहीं है कि हम उनका मुँहतोड़ जवाब दे सकें जैसा देना चाहिए, और कभी-कभी तो हम अपने ही दीन को गहराई से जानने की ज़हमत ही नहीं उठाते। ये तो एक मसला है, है ना? वो हमें देखते हैं और कमज़ोरी महसूस करते हैं, ऐसे लोग जिन्हें सीधे रास्ते से आसानी से भटकाया जा सकता है। वो हमारी मस्जिदों, हमारे बच्चों, हमारी बहनों पर हमला करते हैं, और उन्हें रत्ती भर भी शर्म नहीं आती। ये हर एक के लिए एक सच्ची चेतावनी होनी चाहिए। हमें एक ऐसी उम्मत बनना है जो तौहीद पर एकजुट हो। अल्लाह سبحانه وتعالى हमारी दुआएँ तभी क़बूल करेगा जब हम इसे मज़बूती से थामेंगे। तो आओ आज से शुरू करें, आज ही बदलाव लाएँ। क़ुरान उठाओ, उन भरोसेमंद उलेमा से दीन सीखो जो सलफ़ के रास्ते पर चलते हैं, और उसी तरह अमल करो जैसे उन्होंने किया। किसी भी चीज़ को-न नौकरी, न शौक़, न कोई दुनियावी चीज़-अल्लाह और उसके दीन से ऊपर मत रखो। क़यामत के दिन तुम्हारा ईमान ही तुम्हें बचा सकता है, और कुछ नहीं। और काफ़िरों की बातों को अपने दिल पर असर मत करने दो या उनसे मायूस मत हो। उनका मकसद सिर्फ़ तुम्हारे दिल में खलल डालना है। लेकिन निशानियाँ और दलीलें तो वहाँ हैं ही उनके लिए जो सच में उन्हें ढूँढना चाहते हैं। पहले ख़ुद को बदलो, और अपने आस-पास के लोगों के लिए एक आदर्श बनो। उन नौजवानों के लिए मिसाल बनो जो इस्लाम पर अमल करने से डरते हैं क्योंकि उन्हें लोगों की प्रतिक्रिया का डर है। उन्हें दिखाओ कि अल्लाह ने जो चाहा उसे कोई रोक नहीं सकता। अब वक़्त आ गया है कि हम असली इस्लाम की तरफ़ लौटें, जैसा नबी ﷺ ने सिखाया और सलफ़ ने जिया। अल्हम्दुलिल्लाह, आज हमारे पास बहुत सारे ज़रिए मौजूद हैं। दीन पर मज़बूती से क़ायम रहना ही हमारी उम्मत को दुनिया और आख़िरत में कामयाबी दिलाएगा, और यही एक रास्ता है जिससे हम सच में एकजुट होंगे।