अल्लाह के रसूल ﷺ का एक स्मरण
सब पर सलाम हो। मैं एक ख़ूबसूरत हदीस के बारे में सोच रहा था जो मुझे मिली। पैगंबर मुहम्मद ﷺ ने फरमाया: "आख़िरत के मुक़ाबले में यह दुनिया सिर्फ उतनी ही है, जितना पानी तुम्हारी उँगली पर रह जाता है जब तुम उसे समंदर में डुबो कर निकाल लो।" सुभानअल्लाह, यह सच में हर चीज़ को सही नज़रिए से देखने पर मजबूर कर देता है, है न? सोचने पर मजबूर कर देता है कि हम किसके पीछे भाग रहे हैं। अल्लाह हम सबको समझ दे कि हम असल में ज़रूरी चीज़ों पर ध्यान दें। आमीन।