रमज़ान में गुनाह और उनका प्रभाव
रमज़ान के बारे में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पवित्र महीने में किए गए गुनाह (चाहे रात में ही क्यों न हों) इस समय की पवित्रता के कारण ज़्यादा गंभीर माने जाते हैं। हालांकि तकनीकी रूप से वे रोज़े की वैधता को नहीं तोड़ते, लेकिन वे आध्यात्मिक स्थिति पर गंभीर असर डालते हैं और नेकी के बदले मिलने वाले सवाब को कम कर सकते हैं। इस दौरान सभी गुनाहों से बचने और ख़ुदा से सच्चे दिल से तौबा करने की विशेष ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया है।
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