अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अन्हु से तक़वा के बारे में सवाल
एक आदमी अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अन्हु के पास आया और उनसे पूछा: तक़वा का मतलब क्या है? तो अबू हुरैरा ने उसे सवाल से जवाब दिया: क्या तुम कभी काँटों भरे रास्ते पर चले हो? उस आदमी ने कहा: हाँ, चला हूँ। अबू हुरैरा ने कहा: और तुम उस पर कैसे चले? आदमी बोला: मैंने काँटों को देखा तो उनसे दूर हो गया, या उन्हें पार कर लिया, या बचता रहा। तब अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अन्हु ने कहा: बस यही तक़वा है।