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9 सेहतमंद शरीर की दुआएं ताकि बीमारियों से बचे रहें और शिफ़ा मिले

सेहत अल्लाह तआला की बहुत बड़ी नेमत है जिसका शुक्र अदा करना चाहिए। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने याद दिलाया है कि बहुत से लोग सेहत और फ़ारिग़ वक्त की नेमत से धोखा खा जाते हैं। मुसलमानों को चाहिए कि हिफ़ाज़त और सेहत की दुआएं मांगें। ये सेहतमंद शरीर की दुआओं का मजमुआ है जो रोज़ाना पढ़ी जा सकती हैं, जैसे जिस्म, कान और आंखों की सलामती की दुआ; दुनिया और आख़िरत में सेहत की दुआ; छोटी सी 'आफ़ियत' की दुआ; और सख़्त बीमारियों और नेमतों के ख़त्म होने से बचने की दुआ। ये दुआएं ज़ाहिरी और बातिनी सेहत, लंबी उम्र, दीन की सलामती और बीमारी से शिफ़ा तक का सवाल करती हैं। सब नबी मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की तालीम से ली गई हैं और रोज़ाना पढ़ी जा सकती हैं ताकि अल्लाह तआला की नेमत-ए-सेहत बरक़रार रहे। https://mozaik.inilah.com/ibadah/kumpulan-doa-sehat-badan

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टिप्पणियाँ

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भाई
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अल्हम्दुलिल्लाह, बिल्कुल सही वक्त पर बापू के ठीक होने की दुआ की ज़रूरत थी। अल्लाह करे उनकी बीमारी दूर हो जाए।

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भाई
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सुभानअल्लाह, बहुत अच्छी याद दिलाने वाली बात। कभी-कभी हम सेहत का शुक्रिया अदा करना भूल जाते हैं, जबकि यही सबसे बड़ी नेमत है। जज़ाकल्लाह खैर।

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