5 नमाज़ के बाद की दुआएं, जिनसे हर इच्छा हो पूरी, और साथ में सहायक अमल
मुसलमान होने के नाते हमें हर हाल में अल्लाह तआला से दुआ करने की ताकीद की गई है। दुआ के लिए सबसे कबूलियत वाला वक्त नमाज़ के बाद का है, चाहे फर्ज़ नमाज़ हो या नफ्ल। ये चंद दुआएं हैं नमाज़ के बाद पढ़ने की, ताकि हर इच्छा पूरी हो, साथ में लैटिन और तर्जुमा भी दिया जा रहा है।
1. सलातुल हाजत के बाद की दुआ: "ला इलाहा इल्लल्लाहुल हलीमुल करीम..." (कोई इबादत के लायक नहीं सिवाए अल्लाह के, जो बड़ा बुरदबार और बड़ा करीम है...)। 2. हज़रत यूनुस अलैहिस्सलाम की दुआ: "ला इलाहा इल्ला अंता सुब्हानका इन्नी कुंतु मिनज़्ज़ालिमीन" (कोई माबूद नहीं मगर तू ही है, तू पाक है, बेशक मैं ही ज़ालिमों में से हूं)। 3. हर इच्छा पूरी होने की दुआ: "अल्लाहुम्मा इन्नी असअलुका बिअन्नी अशहदु अन्नका अंतल्लाहु..." (ऐ अल्लाह, मैं तुझसे सवाल करता हूं इस गवाही के तौर पर कि तू ही अल्लाह है...)। 4. हाजत जल्द पूरी होने की दुआ: "ला हौला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाहिल अलिय्यिल अज़ीम..." (कोई ताक़त और क़ुदरत नहीं मगर अल्लाह ज़ाते बरतर और बुज़ुर्ग की तरफ़ से...)। 5. आसानी की दुआ: "ला इलाहा इल्लल्लाहुल अज़ीमुल हलीम..." (कोई माबूद बरहक़ नहीं मगर अल्लाह जो बड़ा अज़ीम और बुर्दबार है...)।
दुआ के अलावा कुछ सहायक अमल भी हैं, जैसे सलातुल हाजत और तहज्जुद पढ़ना, नफ्ली रोज़े रखना, कसरत से इस्तिग़फ़ार करना और सदक़ा देना। इन अमल के ज़रिए उम्मीद है कि अल्लाह तआला दुआ क़ुबूल फ़रमाएगा और हर काम में आसानी अता फ़रमाएगा।
https://mozaik.inilah.com/ibad