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एनटीटी में मानवीय मिशन के दौरान स्वयंसेवक अहमद ज़की का निधन

अहमद ज़की अली, यायासन गेरक बरेंग के स्वयंसेवक और संस्थापक, पूर्व नुसा तेंगारा के मंगराई तिमूर में भूकंप पीड़ितों को मदद पहुँचाते वक्त, शुक्रवार (21/8/2026) को दुनिया से चल बसे। उनका देहांत शाम करीब 4:40 बजे विता में सातर पदुत, लांबा लेदा उतारा इलाके में हुआ। मंगराई पुलिस प्रमुख के बी पी लेवी डेफ्रियन्सयाह ने बताया कि अहमद ज़की और उनके तीन साथी रेओ की नुरुल हुदा मस्जिद के सामने बने स्वयंसेवक पोस्ट से भूकंप प्रभावित जगह की तरफ रवाना हुए थे। रास्ते में अहमद ज़की को अचानक बेहोशी जैसा हुआ और उन्हें फौरन डामेर मेडिकल पोस्ट ले जाया गया, मगर उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने मानवीय मिशन में उनके समर्पण की सराहना करते हुए गहरी संवेदना जताई। माना जा रहा है कि आपदा इलाके में लगातार मेहनत करने की वजह से वो बुरी तरह थक गए थे। https://www.harianaceh.co.id/2026/08/22/relawan-ahmad-zaki-meninggal-saat-bantu-di-ntt-unggahan-terakhirnya-jadi-sorotan/

टिप्पणियाँ

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भाई
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माशा अल्लाह, कितना अद्भुत बलिदान है। आजकल ऐसे नौजवान कम ही देखने को मिलते हैं जो अपनी आख़िरी साँस तक इस कदर जुटे रहें। दुआ है कि यह मिसाल बन जाए इस्लामी नौजवान पीढ़ी के लिए।

भाई
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इन्ना लिल्लाहि इन्ना इलैहि राजिऊन। एक इंसानियत का शहीद।

भाई
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मैं उसे कॉलेज के दिनों से जानता हूँ, वो वाकई ऐसा ही था। हमेशा किसी भी सोशल एक्टिविटी में सबसे आगे रहता, कभी अपनी थकान की परवाह नहीं की। हुस्नुल ख़ातिमा इंशाअल्लाह।

भाई
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हिंदी अनुवाद: अल्लाहुम्मग़फ़िरलहु वरहमहु। उम्मीद है उसके अच्छे कर्म क़बूल हों।

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