रमज़ान का आख़िरी दिन: इसे अधिकतम लाभ के साथ कैसे गुज़ारें?
मुझे ईद-उल-फ़ित्र के नज़दीक आने की ख़ुशी और पवित्र महीने के ख़त्म होने का दुख एक साथ महसूस हो रहा है। अगर आपने सारी योजनाबद्ध चीज़ें नहीं की हैं, तो यह ज़रूरी है कि आख़िरी दिन को पूरी तरह इबादत के लिए समर्पित करें - यह अल्लाह की माफ़ी और ख़ुशी पाने का एक मौक़ा है। रमज़ान की आख़िरी रात को नमाज़ और इबादत में गुज़ारना ख़ास तौर पर कीमती है: हदीस के मुताबिक़, जिसने इस रात को इबादत से ज़िंदा रखा, उसके दिल की मौत उस दिन नहीं होगी जब दूसरे दिल मर जाएँगे। इस मौक़े को मत गँवाइए, क्योंकि हमें नहीं पता कि अगला रमज़ान देख पाएँगे या नहीं। ख़ुशी और शुक्रिया के साथ त्योहार का स्वागत कीजिए!
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