पवित्र रमज़ान: भय और आशा के मेल का महीना
रमज़ान में मुसलमान अल्लाह के दंड से उपजे भय और उसकी दया की आशा को एक साथ महसूस करते हैं। रोज़ा और नमाज़ बुरी इच्छाओं को रोकने में मदद करते हैं, जिससे आस्था मज़बूत होती है और आत्मा शुद्ध होती है। यह वह समय है जब भय और आशा हमें आध्यात्मिक विकास की ओर ले जाते हैं और अल्लाह के करीब लाते हैं।
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