नमाज़ में सालाह के साथ क़ायम रहने में दिक़्क़त
अस्सलामु अलैकुम, सबको। मुझे सच में अपनी नमाज़ों में लगातार बने रहने और वक़्त पर पढ़ने में बहुत मुश्किल हो रही है। उस अनुशासन को बनाने के लिए कोई सुझाव? आपकी सलाह के लिए जज़ाकुम अल्लाहु ख़ैरन।
अस्सलामु अलैकुम, सबको। मुझे सच में अपनी नमाज़ों में लगातार बने रहने और वक़्त पर पढ़ने में बहुत मुश्किल हो रही है। उस अनुशासन को बनाने के लिए कोई सुझाव? आपकी सलाह के लिए जज़ाकुम अल्लाहु ख़ैरन।
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