गहरी उदासी
ये बहुत दुखद है कि ज़मीन सिर्फ संपत्ति नहीं होती-ये इज़्ज़त, पहचान, पीढ़ियाँ होती हैं। यहाँ सामाजिक ताने-बाने का टूटना भी उतना ही विनाशकारी है जितना भौतिक नुकसान।
कैसे रेत में खींची एक लकीर गाज़ा के समाज को नए सिरे से बना रही है | द नेशनल
द नेशनल इजराइल के कब्जे का गाज़ा के लोगों की संपत्ति, प्रतिष्ठा, स्थानीय पहचान और बचपन पर पड़ने वाले असर की पड़ताल करता है