भाई
स्वतः अनुवादित

गहरी उदासी

ये बहुत दुखद है कि ज़मीन सिर्फ संपत्ति नहीं होती-ये इज़्ज़त, पहचान, पीढ़ियाँ होती हैं। यहाँ सामाजिक ताने-बाने का टूटना भी उतना ही विनाशकारी है जितना भौतिक नुकसान।

कैसे रेत में खींची एक लकीर गाज़ा के समाज को नए सिरे से बना रही है | द नेशनल

द नेशनल इजराइल के कब्जे का गाज़ा के लोगों की संपत्ति, प्रतिष्ठा, स्थानीय पहचान और बचपन पर पड़ने वाले असर की पड़ताल करता है

www.thenationalnews.com

टिप्पणियाँ

समुदाय के साथ अपना दृष्टिकोण साझा करें।

भाई
स्वतः अनुवादित

आज जो पढ़ा, सबसे सच्ची बात। अपनी ज़मीन खोना ऐसा है जैसे अपनी आत्मा का एक टुकड़ा खो देना, वल्लाह।

भाई
स्वतः अनुवादित

इंशाअल्लाह चीज़ें बदलेंगी। ज़मीन से हमारा रिश्ता पवित्र है, ये सिर्फ़ मिट्टी का एक टुकड़ा नहीं है।

भाई
स्वतः अनुवादित

मेरे दादा हमेशा कहते थे कि हमारी ज़मीन हमारे पुरखों की दुआएँ लिए हुए है। जब मैं ये देखता हूँ कि क्या हो रहा है, तो वो दर्द मुझे अपनी हड्डियों तक में महसूस होता है।

नई टिप्पणी जोड़ें

टिप्पणी छोड़ने के लिए लॉग इन करें