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इस्लाम में बच्चे के बाल काटने की दुआ और तरीका

इस्लाम में, बच्चे के जन्म पर सुन्नत अमल करने की सलाह दी जाती है, जैसे अकीक़ा करना और बच्चे के बाल मुंडवाना, अल्लाह तआला का शुक्र अदा करने के तौर पर। अबू दाऊद की हदीस के मुताबिक, सातवें दिन अकीक़े का जानवर ज़िबह किया जाए, बच्चे के बाल उतारे जाएं और उसका नाम रखा जाए। इस रस्म के साथ कुछ दुआएं पढ़ी जाती हैं, जैसे बाल मुंडवाते वक्त की दुआ, माथे पर फूंक मारने की दुआ, और वलीमा अल-अकीक़ा की दुआ, जिसमें बच्चे के लिए बरकत और हिफ़ाज़त की दरख़्वास्त की जाती है। इसका मुख्य वक्त सातवां दिन है, लेकिन अगर मुमकिन हो तो इसे टाला जा सकता है। लड़के के बाल पूरे साफ़ करने की सलाह दी जाती है, जबकि लड़की के बस ठीक कर लेना काफ़ी है। बच्चे के बाल मुंडवाने की रूहानी हिकमत ये है कि ये तज़किया-ए-नफ़्स की निशानी है, साथ ही इससे सफ़ाई बनी रहती है और बालों की अच्छी ग्रोथ में मदद मिलती है, जैसा कि इब्ने क़य्यिम ने बताया है। https://mozaik.inilah.com/ibadah/panduan-doa-potong-rambut-bayi-arab-latin-arti-dan-tata-caranya-dalam-islam

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भाई
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अल्हम्दुलिल्लाह, मेरा बेटा है, कल सातवें दिन ही सिर मुंडवाकर और दो बकरे ज़िबह कर दिए। अभी पता चला कि लड़की हो तो बस बाल ठीक करवाना होता है, पहले सोचता था दोनों एक जैसे। ज़बरदस्त जानकारी है।

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