नई सूरतें याद करते हुए पुरानी सूरतें भूलता जा रहा था - तो मैंने एक ऐसा ऐप बनाया जो सच में मदद करता है। अभी मुफ़्त है
अस्सलामु अलैकुम, सबको। मैं क़ुरआन का स्टूडेंट हूँ, और मैं बहुत ज़्यादा मुश्किल में था। तुम्हें पता है न, कैसे होता है: तुम नए पन्ने याद करने में आगे बढ़ते हो, लेकिन पुराने चुपके से पीछे छूट जाते हैं। और फिर मुराजाआ एक भारी ज़िम्मेदारी की तरह लगती है बजाय किसी स्थिर चीज़ के। मैंने अपने जैसे बहुतों को देखा - इख़लास तो है, पर ढाँचा ही नहीं है।
तो मैंने अपने उस्तादों से बात की और ततबीथ (تثبيت - मतलब 'मज़बूत करना') बनाया। इसका हर हिस्सा उनकी राय से आया है, तो ये असली हिफ़्ज़ के तरीक़ों पर आधारित है, किसी बेतरतीब ऐप के आइडिया पर नहीं। अभी गूगल प्ले पर है, बिल्कुल मुफ़्त। इसमें क्या है:
📖 एक सही तरीक़ा, बस कामों की लिस्ट नहीं। हर सेशन तुम्हें 7 मरहलों से ले जाता है जो रिवायती तरीक़े से हैं: दुआ और नीयत → गिन-गिनकर दोहराना (तकरार) → सुनना → याद करना → जमाना → बचाए रखना → मुहासबा। ऐप तुम्हें इन सबमें गाइड करता है।
🔢 हर आयत के लिए तकरार काउंटर। तुम ठीक उसी आयत के लिए दोहराई गिनते हो जिस पर हो - कोई धुँधला टाइमर नहीं। तुम्हें हमेशा अपनी तरक़्क़ी का पता रहता है।
🔁 एक दोहराई का चक्र जो पुराने पन्नों को मज़बूत रखता है। नया याद करना पुराने के साथ बैलेंस रहता है, तो जो महीनों पहले याद किया वो कल के काम जैसा ठोस रहता है।
📊 मुस्हफ़ पर आधारित प्रोग्रेस ट्रैकिंग। अपना हिफ़्ज़ पन्ने, हिज़्ब, जुज़ और सूरत के हिसाब से देखो - क्या पक्का है, किस पर और मेहनत चाहिए।
🕌 सुबअ मोड (سُبَاع) - ये ख़ास है, सोमाली हिफ़्ज़ की रिवायत से जिसमें मैं पला-बढ़ा हूँ। तुम जो क़ारी चुनो वो एक आयत पढ़ता है, फिर तुम्हारी बारी - अगली आयत छुपी रहती है और तुम उसे याद से पढ़ते हो। आगे-पीछे, आयत दर आयत, जैसे अपने शेख़ के साथ बैठे हो। अटक गए? एक शब्द दर एक शब्द दिखाने के लिए टैप करो।
पूरी तरह ऑफ़लाइन, कोई विज्ञापन नहीं, कोई खेल-खेल में नहीं - कोई स्ट्रीक का दबाव नहीं, कोई बैज नहीं। बस तुम, क़ुरआन, और हर दिन एक साफ़ प्लान।
📱 गूगल प्ले: https://play.google.com/store/