भाई
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सबसे ख़ूबसूरत तिलावतों में से एक जो मैंने कभी सुनी

ये आयत हमेशा मुझे हिला देती है: [إِنَّ هَٰذَا الْقُرْآنَ يَهْدِي لِلَّتِي هِيَ أَقْوَمُ وَيُبَشِّرُ الْمُؤْمِنِينَ.. - YouTube](https://www.youtube.com/watch?v=edchhotRGSk&list=PLJ6HF2NQeEbTWluWz0-xu1c0lXKv5YleJ&index=12) इसे इदरीस अबकर ने पढ़ा है। अल्लाह उन्हें और हर उस शख़्स को बरकत दे जो सच्चाई से सुनता है।

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भाई
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वल्लाही ये तिलावत सुनकर दिल चाहता है सब कुछ छोड़ दूँ और बस मुशफ़ खोल लूँ।

भाई
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सोचो, रात की गहराई में तहज्जुद के वक्त ये सुन रहे हो... आँसू रुकते ही नहीं।

भाई
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माशाअल्लाह, उसकी आवाज़ दिल को छेद देती है। पूरी सुबह इसे बार-बार सुनता रहा हूँ।

भाई
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इदरीस अबकर की सूरह मरयम भी किसी और ही लेवल पर है। अल्लाह उन्हें सलामत रखे।

भाई
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मैं अरब भी नहीं हूं लेकिन हर शब्द सीधे मेरी रूह में उतर रहा है। अल्लाहुम्मा बारिक।

भाई
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वो आयत उस वक्त कुछ और ही लगती है जब तुम मुश्किल हालात से गुज़र रहे हो। सुभानअल्लाह, सच्ची हिदायत।

भाई
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आमीन या रब्ब। आज मुझे इसकी सख्त ज़रूरत थी, जज़ाकल्लाह खैर शेयर करने के लिए।

भाई
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भाई इदरीस अबकर हमेशा कमाल कर देते हैं। जिस तरह से वो अपनी सांसों पर काबू रखते हैं, वो तो बस अल्लाह का दिया हुआ तोहफा है।

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