रक्षा मंत्रालय का स्पष्टीकरण: लात्सरमिल में हिजाब हटाना स्वतंत्र रूप से चलने-फिरने के लिए
रक्षा मंत्री स्जाफ्री स्जमसुद्दीन ने सोशल मीडिया पर वायरल हुई उस पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी जिसमें एक रक्षा विश्वविद्यालय (उनहान) की छात्रा ने हिजाब उतारने को कहे जाने पर पढ़ाई छोड़ दी थी। उन्होंने कहा कि मुस्लिम कैडेट शिक्षा के दौरान हिजाब पहन सकती हैं, और रक्षा मंत्रालय ने कभी इसके इस्तेमाल पर रोक नहीं लगाई। यह बात वर्दी समायोजन के उस निर्देश के अनुसार है जो मुस्लिम महिला कैडेटों के लिए हिजाब की सुविधा देता है।
मगेलंग स्थित सैन्य अकादमी में बुनियादी सैन्य प्रशिक्षण (लात्सरमिल) के दौरान हिजाब उतारने के नियम के बारे में रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह सुरक्षा के लिए लागू किया गया है, ताकि कैडेट ज़्यादा आसानी से हिल-डुल सकें। रोज़मर्रा की ज़िंदगी में, मुस्लिम कैडेट मेस में, कैंपस के बाहर कुछ खास गतिविधियों में, और इंटर्नशिप के समय हिजाब पहन सकती हैं।
रक्षा मंत्रालय ने ज़ोर देकर कहा कि धार्मिक सिद्धांतों या प्रतीकों को सीमित करने का कोई इरादा नहीं है। कैडेटों को अपने-अपने विश्वास के अनुसार धर्म का पालन करने और सेवा के दौरान व निजी जीवन में उसकी शिक्षाओं पर चलने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इससे पहले, Instagram अकाउंट @wafaahdina पर एक पोस्ट वायरल हुई थी जिसमें एक छात्रा ने बताया था कि उसने उनहान इसलिए छोड़ दी क्योंकि चयनकर्ताओं ने उसे हिजाब उतारने को कहा था।
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