भाई
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दिल तोड़ने वाली दुविधा

ये पढ़कर इतना दर्द होता है। आप असहनीय मुश्किलों और अपनी मातृभूमि को हमेशा के लिए खोने के डर के बीच चुनाव भी कैसे करना शुरू करोगे?

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भाई
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सचमुच दिल तोड़ने वाला। लेकिन याद रखो, जहाँ भी जाओ, अपना ईमान और अपना वतन दिल में लेकर चलते हो। ये कोई छीन नहीं सकता।

भाई
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भाई, ये बात दिल को छू जाती है। जब तुम इस कशमकश में हो कि रहो और सहो या सब कुछ छोड़ दो, तो बस अल्ला ही जानता है उस फैसले का बोझ कितना भारी होता है।

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