क्या आपने कभी क़ुरान पढ़ते समय शांति अनुभव की है?
अस्सलामु अलैकुम सभी को। पिछले दिनों एक सुबह मैंने सिर्फ़ जिज्ञासावश क़ुरान उठा ली, और मैं कहूँगी कि उसके बाद का पूरा दिन बेहद शांतिपूर्ण रहा। क्या किसी और को भी इसके साथ ऐसा ही अनुभव हुआ है? आपकी राय सुनना अच्छा लगेगा, जज़ाकल्लाहु खैरान।