हबीब रिजीक शिहाब ने छात्रों के साथ संवाद में स्पष्ट किया कि एफपीआई न्याय के लिए संघर्ष में सक्रिय रहेगा
बांदा अचेह - इस्लामिक डिफेंडर्स फ्रंट (एफपीआई) के सर्वोच्च नेता हबीब रिजीक शिहाब ने स्पष्ट किया है कि उनका संगठन 'अमर मारूफ नही मुनकर' (भलाई का आदेश देना और बुराई से रोकना) के सिद्धांतों पर स्थिर रहेगा और छात्रों तथा श्रमिकों के न्याय के लिए संघर्ष का समर्थन करेगा। उन्होंने यह बात इंडोनेशिया भर के छात्र संघों (बीईएम) के गठबंधन के प्रतिनिधियों के साथ हुए एक संवाद में कही, जिसका प्रसारण इस्लामिक ब्रदरहुड टेलीविज़न के यूट्यूब चैनल पर शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को किया गया।
उन्होंने कहा कि एफपीआई छात्र और श्रमिक आंदोलनों का तब तक समर्थन करेगा, जब तक उनका उद्देश्य सार्वजनिक हित हो, किसी विशेष समूह का नहीं। हबीब रिजीक ने कहा, "एफपीआई को निश्चित रूप से अपनी गतिविधियों के तरीके को सुधारना होगा ताकि रास्ते में धोखा न खाए।" उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि इस संघर्ष का दुरुपयोग अस्पष्ट पक्षों द्वारा नहीं किया जाना चाहिए।
राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियान्तो के खिलाफ कुछ हस्तियों द्वारा की गई तख्तापलट की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए, हबीब रिजीक ने लोगों को उकसावे से सावधान रहने की चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग अच्छे तर्कों के साथ होनी चाहिए ताकि जनता इसे समझ सके, और साथ ही उन लोगों की आलोचना की जिन्हें वह असंगत मानते हैं।
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