अंतहीन चक्र…
सच कहूँ तो, ऐसा लगता है कि कोई भी पक्ष ये बर्दाश्त नहीं कर सकता लेकिन कोई पीछे भी नहीं हट सकता। इंसानी कीमत तो बस तबाह करने वाली है, और सबसे ज़्यादा आम लोग ही तकलीफ़ झेलते हैं। आख़िर कब अहंकार बहुत महँगा पड़ने लगता है?
अमेरिका या ईरान — किसे नई संधि की ज़्यादा ज़रूरत है?
दोनों तरफ ऐसे दबाव हैं जो लंबी लड़ाई को दर्दनाक बना सकते हैं।