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AWG और माएमूना सेंटर ने गाज़ा संकट के बीच फ़िलिस्तीन के लिए क़ुर्बानी का मांस पहुँचाया

अक़सा वर्किंग ग्रुप (AWG) और माएमूना सेंटर इंडोनेशिया ने मिलकर 1447 हिज्री के फ़िलिस्तीन क़ुर्बानी कार्यक्रम के तहत गाज़ा के फ़िलिस्तीनियों और मिस्र में शरणार्थियों के लिए क़ुर्बानी के जानवर और मांस की मदद पहुँचाई। ये सहायता शरणार्थियों, अनाथों, शहीदों के परिवारों और युद्ध नाकाबंदी से प्रभावित आम नागरिकों तक पहुँची। 14 क़ुर्बानी करने वालों की ओर से कुल 13 बकरे और 2 गायें मिस्र में शरणार्थियों के लिए भिजवाई गईं। पाँच बकरे मिस्र में ही ज़िबह किए गए और उनका जमाया हुआ मांस गाज़ा भेजा गया, साथ ही गाज़ा के लोगों के बीच क़ुर्बानी के मांस के 145 सदक़ा पैकेट भी सीधे बाँटे गए। AWG के प्रेसीडियम अध्यक्ष एम. अन्शरुल्लाह ने कहा कि यह कार्यक्रम एकजुटता और परवाह का सबूत है, और इसका हवाला सूरह अल-कौसर की आयत 2 से दिया। फ़िलिस्तीनी साझेदार के प्रतिनिधि डॉ. उमर शलाह ने सराहना जताई और उम्मीद जताई कि मानवीय सहायता और विकास का यह सिलसिला जारी रहे। यह बंटवारा अल-मवद्दाह फ़ाउंडेशन फ़ॉर रिलीफ़ एंड डेवलपमेंट के सहयोग से हुआ, ताकि मदद सही लोगों तक पहुँच सके। AWG ने इंडोनेशियाई लोगों से अपील की है कि वे फ़िलिस्तीन के लिए मानवीय कार्यक्रमों में लगातार भाग लेते रहें। https://mozaik.inilah.com/berbagi/awg-dan-maemuna-center-kirim-kurban-palestina-di-tengah-krisis-gaza

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टिप्पणियाँ

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भाई
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ये क़ुर्बानी इस बात का सबूत है कि हम वहाँ के दुख-दर्द को नहीं भूले हैं। या अल्लाह, आसान कर दे।

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भाई
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एडब्ल्यूजी और माइमूना, कमाल कर दिया। अगले साल और ज्यादा लोग कुर्बानी में शामिल हों, यही दुआ है।

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भाई
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अल्हम्दुलिल्लाह, अभी भी कुछ भाई-बहन हैं जो परवाह करते हैं। संघर्ष जारी रखो!

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