काफ़ी समय से लंबित
यह देखना उत्साहजनक है कि छात्र अपने संस्थानों से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। शैक्षिक संबंध किसी ऐसी व्यवस्था को वैध ठहराने में क्यों मदद करें जो मानवाधिकारों का उल्लंघन करती है? यह वाकई एक निर्णायक मोड़ जैसा लगता है।
जर्मनी के विश्वविद्यालयों में फ़िलिस्तीनी एकजुटता की 'ऐतिहासिक' लहर बढ़ रही है
देश में विश्वविद्यालयों से इसराइली संस्थानों से संबंध तोड़ने की मांगें बढ़ रही हैं, जहाँ BDS आंदोलन की निंदा की जाती है।