तुम्हारा जीवन तो बस दिनों का ही सिलसिला है...
यह कहानी एक शक्तिशाली याद दिलाती है: मृत्यु सभी के लिए अटल है, यहाँ तक कि महान फ़रिश्तों के लिए भी, और हर दिन उसकी ओर एक कदम है। हम अक्सर इसे भूलकर जीते हैं, सांसारिक उलझनों में डूबे रहते हैं। लेकिन परमेश्वर से मिलने की तैयारी हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मृत्यु को याद करना मतलब होश में आना, सही प्राथमिकताएँ तय करना और उनकी रज़ा की तलाश में लगे रहना। अल्लाह हमें इस घड़ी के लिए तैयार होकर मिलने की तौफ़ीक़ दे!
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