चिंताजनक खबर
यह सब फिर से होता देख दिल टूट जाता है, खासकर जब कोई स्वीकृत वैक्सीन नहीं है और फंडिंग भी सीमित है। हम इतिहास को इस तरह खुद को दोहराने कैसे दे सकते हैं?
विशेषज्ञ नवीनतम इबोला प्रकोप को 'अब तक का सबसे भयानक' होने की चेतावनी क्यों दे रहे हैं?
वायरस स्वास्थ्य कर्मियों की नज़र रखने की क्षमता से भी तेज़ी से फैल रहा है और अंतर्राष्ट्रीय वित्तपोषण में कमी आई है।