दक्षिण अफ्रीका में प्रवासी विरोधी हमले क्यों बढ़ रहे हैं?
ह्यूमन राइट्स वॉच ने दक्षिण अफ्रीका में बढ़ती ज़ेनोफोबिक हमलों की चेतावनी दी है। ऑपरेशन डुडुला और मार्च एंड मार्च जैसे विजिलेंट ग्रुप प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे हैं, जहां प्रवासियों को उत्पीड़न, नौकरी छूटने, और हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। डर के कारण कई घटनाएं रिपोर्ट ही नहीं होतीं। गरीबी, बेरोज़गारी, और असमानता इस प्रतिक्रिया को बढ़ावा दे रहे हैं, और कुछ राजनीतिक पार्टियां प्रवासियों को बलि का बकरा बना रही हैं। संविधान प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा करता है लेकिन हिंसा की नहीं, और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं जवाबदेही की मांग कर रही हैं।
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