अपने पहले हज से मैंने जो 10 बातें सीखीं
मेरा पहला हज 2010 में हुआ था-काबा को देखने या एहराम की उस बेबसी के लिए कुछ भी आपको तैयार नहीं करता। ये मानसिक रूप से बहुत कठिन है, करोड़ों लोगों के बीच आपके सब्र की परीक्षा लेता है। अहम सबक: कोई उम्मीदें मत रखो, याद रखो ये एक फ़र्ज़ है, लगातार रूहानी उंचाई की उम्मीद मत करो, सब्र रखो, पहचान पत्र और दवाइयाँ साथ रखो, भीड़ में अचानक मत रुको, पानी पीते रहो, रगड़ से बचने की तैयारी रखो, अतिरिक्त चप्पल साथ लाओ, और ये मान लो कि कोई भी हज परफेक्ट नहीं होता। ये सबक 16 साल बाद भी मेरा मार्गदर्शन करते हैं।
https://www.thenationalnews.co