असहज कर देने वाली सटीकता
यह देखकर सिहरन होती है कि ईरान की रणनीति कितनी अनुकूलनीय हो गई है। आदमी सोच में पड़ जाता है कि क्या अमेरिका का मौजूदा तरीका वाकई टिकाऊ है।
ईरान अभी भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर घातक हमले क्यों कर पा रहा है?
जॉर्डन बेस पर तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत से पता चलता है कि ईरान के पास अब भी इस घिसते संघर्ष में भारी नुकसान पहुंचाने की क्षमता है।