एक संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट के मुताबिक, सूडान में रैपिड सपोर्ट फोर्स की कार्रवाइयों में 'नरसंहार के लक्षण' दिख रहे हैं।
अभी एक UN रिपोर्ट पढ़ी है जो बहुत ही चौंका देने वाली है। एक स्वतंत्र मिशन के मुताबिक, सूडान की रैपिड सपोर्ट फोर्सेज़ (RSF) ने पिछले अक्टूबर में दारफुर के एल फाशिर शहर पर कब्ज़ा करने के दौरान जातीय आधार पर लक्षित हत्याएं, यौन हिंसा और जबरन गुमशुदगी की घटनाएं अंजाम दीं। रिपोर्ट कहती है कि ये कार्य ज़घावा और फुर जैसे गैर-अरब समुदायों के खिलाफ 'नरसंहार के लक्षण' दिखाते हैं। यह कोई यादृच्छिक हिंसा नहीं थी बल्कि एक योजनाबद्ध अभियान का हिस्सा थी जिसने इन समूहों को नष्ट करने के लिए जानबूझकर ऐसी स्थितियाँ पैदा की। इस संघर्ष ने दुनिया के सबसे भीषण मानवीय संकटों में से एक को जन्म दिया है, और अब अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने की माँग उठ रही है। सूडान के लोगों के लिए वाकई दिल दहला देने वाला है।
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