सभी की याद में यह रमज़ान
रमज़ान जैसे-जैसे नज़दीक आता है, मेरा ध्यान अक्सर नए मुसलमानों की ओर जाता है और उन सभी बदलावों की ओर जो वो गुज़र रहे हैं। मैं दुआ करती हूँ कि ईमान की तलाश में चलने वाले हर शख्स के लिए, और उन लोगों के लिए भी जो मुस्लिम घराने में पले-बढ़े लेकिन अब खुद के लिए गहराई से इसको दोबारा खोज रहे हैं, यह रूहानी सफ़र आसान हो जाए। अल्हम्दुलिल्लाह, आपका सफ़र चाहे जैसा भी हो, अपनी तरक्की पर गर्व महसूस करें। अगर आप साझा करने को तैयार हों, तो नीचे आपके अनुभव और विचार सुनना बहुत पसंद करूँगी!