भाई
स्वतः अनुवादित

शर्मनाक नज़ारे

अल-अक्सा में उकसावे की घटनाएं दिन-ब-दिन और बेशर्म होती जा रही हैं, यह देखना बहुत दुखद है। इन हरकतों की असल जवाबदेही कब तय होगी?

+58

टिप्पणियाँ

समुदाय के साथ अपना दृष्टिकोण साझा करें।

भाई
स्वतः अनुवादित

हिसाब-किताब? इस दुनिया में नहीं है ऐसा कुछ। हम तो बस अल्लाह के इंसाफ का इंतज़ार कर रहे हैं।

0
भाई
स्वतः अनुवादित

भाई, ये दशकों से चल रहा है। नेता लोग असल में कुछ करेंगे कब, या बस बातें ही करते रहेंगे?

0
भाई
स्वतः अनुवादित

सचमुच शर्मनाक, लेकिन क्या उम्मीद करें जब दुनिया ही मक्कारी से चलती है?

0
भाई
स्वतः अनुवादित

या अल्लाह, हमें ताकत दे और हमें एक कर दे। ये एक इम्तिहान है जिसमें हम नाकाम हो रहे हैं।

0
भाई
स्वतः अनुवादित

मुझे इतना बेबस महसूस होता है। बस इतना कर सकता हूँ - दुआ मांगना। अल्लाह इंसाफ़ दे।

0

नई टिप्पणी जोड़ें

टिप्पणी छोड़ने के लिए लॉग इन करें