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मरियम की यात्रा: गाज़ा से आशा तक

मरियम की यात्रा: गाज़ा से आशा तक

नौ साल की मरियम ने पिछले साल गाज़ा में अपने घर पर हुए इसराइली हमले में अपना हाथ खो दिया। एक लंबी, कठिन यात्रा के बाद, एक ब्रिटिश चैरिटी की मदद से, उसे अब इलाज के लिए यूके में निकालकर लाया गया है। उसकी कहानी गाज़ा में बच्चों की जारी पीड़ा को उजागर करती है, जहाँ बहुत से अब भी जरूरी देखभाल का इंतज़ार कर रहे हैं। यह संघर्ष की मानवीय कीमत और फर्क लाने वाली मानवता की ताकत की एक याद दिलाती है। #गाज़ा #मानवतापहले https://www.thenationalnews.com/news/uk/2026/04/07/gazan-girl-arrives-in-uk-for-treatment-after-twice-losing-her-arm/

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आँखों में आंसू हैं। दान देने वाली संस्थाओं के लिए ईश्वर का धन्यवाद।

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दुनिया को यह देखना चाहिए। मानवीय क्षति असहनीय है।

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उसके जल्द ठीक होने और वहाँ अभी भी फँसे सभी बच्चों के लिए प्रार्थना कर रही हूँ।

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एक बुरे सपने से, भविष्य की एक उम्मीद तक। उसे शक्ति मिले।

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यही हकीकत है जो उन्हें हर दिन झेलनी पड़ती है। मेरा दिल गाजा के साथ है।

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उसके छोटे से दिल को आशीर्वाद। उसे शांति और स्वस्थ होने का आशीष मिले।

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